मंगलवार, 25 मई 2021

Live-113- वैशाली गोयल 'नीतू'

वैशाली गोयल 'नीतू' 









साहित्यिक परिचय


नाम --वैशाली गोयल ( नीतू )

            ( गृहणी )

जन्म तिथि---18-9-74

माता---श्री मती मंजूँ सिंघल( प्रधानाचार्य )से रिटायर्ड)

पिता--- श्री विनोद सिंघल( मिलटरी सर्विस से रिटायर्ड)

पति---- श्री रवि गोयल

व्यवसाय--मेनुफेक्चरिंग ऑफ़ फ़्रंटीलाइजर 

वैवाहिक वर्षगाँठ--4-3-95

बच्चे --२ (पुत्र ओर पुत्री)एकांश ओर अन्नया


शैक्षिक योग्यता--ग्रेजुएट 

( अंग्रेज़ी ओर अर्थशास्त्र )

डिग्री ,डिप्लोमा इन कम्प्यूटर्स।


#मेरापरिचय☘️☘️

        आज जब काव्यांचल ने मेरा परिचय 

   पूछा .. तो आज.. मैं खुद से परिचित हुईं.. जो शादी से पहले कही खो गया था ... घर -परिवार में खुद को कही भूल गई थी ,,पर काव्यांचल की ज़रिये ..खुद को जानने का मौका मिला... नई नई उड़ान भरनी सिखा दी हैं।जीवन में एक नई उमंग सी आ गई है...


#रुचियाँ----☘️☘️

  हिंदी विषय को कभी गम्भीरता से नही लिया ,,हमेशा यही सोचा कि अपनी मात्र भाषा है तो अपने आप शब्दकोश बढ़ जाएगा ..पर हिंदी विषय ..सभी को गम्भीरता से पढ़ना चाहिये..

 कवितायें,,कहानी लिखना,निर्जीव वस्तुओं की आत्मकथा को संस्मरण करना..पुराना संगीत सुनना,,कुकिंग करना,,ओर छोटे बच्चों के साथ खेलना उनसे बातें करना बहुत पसंद है।खेलो में टेबल टेनिस पसंदीदा खेल रहा ,, लगातार 8 वर्षों तक खेलते हुए प्रति योग्यताओं में हिस्सा लिया...पापा जब air-force job में थे ..तो वहाँ सभी मिलकर दुर्गा पूजा.. गणेश पूजा मनाते थे।स्टेज प्रोग्राम भी करते थे.. साथ-साथ बैक स्टेज भी पूरी जिम्मेदारी सँभाल लेती थी।

             

 #साहित्यिक सफर की शुरू वात -----🐚


   लिखने का शौक़ तो बचपन से रहा है स्कूल समय ,,कालेज समय में बहुत कवितायें लिखी पर कभी गंभीरता से नही लिया ओर शादी के बाद कभी नही लिखा ... फिर मेरी एक सहेली ने मुझे फिर से लिखने को प्रेरित किया .. थोड़ा रुझान बढ़ा .. फिर जीवन में एक नया सवेरा हुआ ओर काव्यांचल

साहित्यिक संस्था का परिवार मिला ओर हर दिन कुछ न कुछ सीखने को मिल रहा है ओर सीखने का सफ़र जारी है------


 साहित्यिक सफर में आगे बढ़ने के लिए घर की ज़िम्मेदारियों के साथ-साथ सृजन की ओर उन्मुख होती है। प्रतिदिन काव्यांचल परिवार में न आऊँ तो सब अधूरा लगता है ओर कुछ भी सृजन न करूँ तो अच्छा नही लगता ,,,छन्द, ग़ज़ल,मुक्तक, हाइकू दोहा ,मुक्त भाव,लघुकथा, कहानी आदि सभी विधाओं में सृजन कर तो लेती हूँ पर विधा मुक्त लिखना मुझे ज़्यादा पसंद है ओर बस सीखने का निरन्तर अभ्यास जारी है।



➡️(कहानी लेखन) में प्रतिभाग व सम्मान।मार्च -2020 में काव्यांचल साहित्यिक संस्था से जुड़ी।ओर हमेशा सम्मान मिला। हौसला बढ़ता गया ,,,

➡️नवीन कदम, पत्रिका में दो बार रचनायें प्रकाशित हो चुकी है ,, 

➡️अमर उजाला की ओर से सम्मान..

➡️उत्तरांचल  परिवार से कई बार  प्रशस्ति पत्र प्राप्त  हुआ.....

➡️काव्यांचल समूह से भी सम्मान मिला,,,

➡️नवीन कदम दैनिक समाचार पत्र के साहित्यिक पेज पर रचना प्रकाशित।

➡️वर्तमान inner wheel club में सक्रिय मेम्बर 

 ➡️1914  -- 1915 में इनर व्हील क्लब की   

                     अध्यक्ष रही...

➡️1916 --- 1917 में सचिव की पोस्ट पर 

          रही....

   समय समय पर समाजिक कार्यों में योगदान 

    बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ इस प्रोजेक्ट पर अपने club के साथ काम करती रहती हूँ 

➡️नारी सशक्ति करण में सक्रिय मेम्बर


#सम्मान--⭐️⭐️⭐️⭐️

➡️काव्यांचल साहित्यिक संस्था में शास्त्रार्थ आयोजन में-काव्यशास्त्री सम्मान से सम्मानित।

➡️काव्यांचल साहित्यिक संस्था में आयोजित ऑनलाइन काव्य स्वरा 1व 2 में प्रतिभाग किया व प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया है।

➡️खबरनामा में तीन बार सम्मान ओर प्रशस्ति पत्र  हासिल किया।

➡️काव्यांचल समूह से भी  प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया....

➡️inner wheel club में अच्छा काम करने हेतु मोमेंटो व सम्मान पत्र प्राप्त हुआ।

➡️मानसी अभिनय गुरूकुल अंतराष्ट्रीय काव्य प्रतियोगिता ( आपकी लेखनी हमारा मंच )सहारनपुर में उत्कृष्ट प्रदशर्न में सम्मान पाकर सुखद अनुभूति का अनुभव हुआ...

 अन्य----

 इसके अतिरिक्त भी कई आयोजनों में प्रतिभाग कर उत्कृष्ठ, उत्त्तम व श्रेष्ठ सृजन का सम्मान प्राप्त किया



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